सूचना का अधिकार अधिनियम पर पंचायत सचिवों की एकदिवसीय मैराथन कार्यशाला

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सूचना का अधिकार अधिनियम पर पंचायत सचिवों की एकदिवसीय मैराथन कार्यशाला

106 ग्राम पंचायतों के सचिवों को दी गई विस्तृत जानकारी

संवाददाता: धनकुमार कौशिक

छत्तीसगढ़ दस्तक 24 | बलौदा बाजार

बलौदा बाजार— शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनहित को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जनपद पंचायत बलौदा बाजार द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के संबंध में पंचायत सचिवों की एकदिवसीय मैराथन कार्यशाला का आयोजन जनपद पंचायत सभा कक्ष में किया गया। कार्यशाला का आयोजन जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी फकीर चरण पटेल के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यशाला में सेवानिवृत्त अपर वन मंडल अधिकारी एवं प्रशिक्षक आर.पी. साहू द्वारा जनपद की सभी 106 ग्राम पंचायतों के सचिवों को सूचना का अधिकार अधिनियम की धाराओं, प्रक्रिया एवं व्यवहारिक पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम आम नागरिकों को शासन के अधीन संधारित दस्तावेजों—जैसे फाइलें, अभिलेख, आदेश, निर्देश, रिपोर्ट, ज्ञापन, ई-मेल, परामर्श एवं प्रेस विज्ञप्ति—तक पारदर्शी रूप से पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।

प्रशिक्षक आर.पी. साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण कानून है, जिसे 15 जून 2005 को पारित कर 12 अक्टूबर 2005 से लागू किया गया। अधिनियम के तहत देश का कोई भी नागरिक किसी भी शासकीय प्राधिकरण से सूचना मांग सकता है। सामान्य मामलों में सूचना 30 दिनों के भीतर तथा जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसके लिए निर्धारित शुल्क लिया जा सकता है, जो युक्तिसंगत होना चाहिए। सूचना से संबंधित विवादों के निराकरण हेतु केंद्रीय एवं राज्य सूचना आयोग का गठन किया गया है।

कार्यशाला में अधिनियम के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला गया, जिसमें शासन-प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाना, अधिकारियों की जवाबदेही तय करना, नागरिकों को सशक्त बनाना तथा भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण शामिल है। सचिवों को यह भी बताया गया कि सूचना के प्रकरणों में समयसीमा एवं प्रक्रिया का पालन न करने पर दंडात्मक प्रावधान लागू हो सकते हैं।

इस अवसर पर करारोपण अधिकारी रामसाय मनहरे, हुकुम सिंह पैकरा, शत्रुघ्न ध्रुव सहित पंचायत सचिव हरिकिशन वर्मा, अग्नि कुमार निर्मलकर, बालाराम वर्मा, बलदाऊ प्रसाद साहू, गौरीशंकर वैष्णव, परमानंद निषाद, पवन कुमार साहू, मनोज कुमार, बाबूराम साहू, थानेश्वर साहू, लोकनाथ साहू, मुकेश कश्यप, द्वारपाल सेन, बिंदेश्वर सेन, रूपचंद बोस, विजय कुमार, तथा सीमा वर्मा, पूजा वर्मा, सावित्री वर्मा, देवकुमारी राय, रेखा वस्त्रकर, सोनी कोसले, ललिता टंडन, अंबिका कैवर्त्य, मंजू वर्मा सहित सभी 106 ग्राम पंचायतों के सचिव उपस्थित रहे।

कार्यशाला को लेकर पंचायत सचिवों में उत्साह देखा गया और इसे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता व जनसेवा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

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