सड़क दुर्घटना में आपात स्थिति से निपटने लाइव मॉक-ड्रिल आयोजित
यात्रियों, वाहन चालकों व फील्ड स्टॉफ को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
सीपीआर की वैज्ञानिक तकनीक का लाइव-डेमो, मेडिकल इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार की जानकारी
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत सड़क सुरक्षा अभियानों को मिल रही मजबूती
अतुल गुप्ता/ब्यूरो चीफ
रायपुर, 03 जनवरी 2026//
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने विभिन्न अभियान एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग–53 पर सड़क दुर्घटनाओं एवं आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए लाइव मॉक-ड्रिल का आयोजन किया गया।

मॉक-ड्रिल के दौरान यात्रियों, वाहन चालकों एवं एनएचएआई के फील्ड स्टॉफ को विभिन्न आपात परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों द्वारा सड़क दुर्घटना एवं मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करने की प्रक्रियाओं का (लाइव) प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने हार्ट अटैक की स्थिति में सीपीआर देने की सही एवं वैज्ञानिक तकनीक का लाइव-डेमो प्रस्तुत किया। साथ ही अचानक बेहोशी, अत्यधिक रक्तस्राव, सांस लेने में कठिनाई जैसी गंभीर मेडिकल आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार के आवश्यक उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई।
मॉक-ड्रिल में वाहन में तकनीकी खराबी, सड़क दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा उपाय, दुर्घटना के बाद यात्रियों को सुरक्षित तरीके से वाहन से बाहर निकालने, घबराहट से बचने तथा संयम बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद सही निर्णय और सावधानियां जान बचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
कोहरे एवं रात्रि यात्रा में सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत एनएचएआई द्वारा सर्दियों के मौसम में कोहरे एवं रात्रि यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत वाहनों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जा रहे हैं, जिससे दृश्यता बढ़ सके। साथ ही वाहन चालकों एवं यात्रियों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील की जा रही है।
एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और आम नागरिकों को आपात परिस्थितियों में सजग व सक्षम बनाना है।







