कर्मचारियों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर दूसरे दिन भी हड़ताल जारी
“मोदी की गारंटी” पूरी नहीं होने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश

जीपीएम जिले में व्यापक असर, कार्यालय व स्कूलों में कामकाज ठप
गौरेला–पेण्ड्रा–मरवाही | 30 दिसम्बर 2025
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर कर्मचारियों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रही हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को भी पूरे जोर-शोर से जारी रही। “मोदी की गारंटी” के तहत किए गए वादों को पूर्ण करने की मांग को लेकर अधिकारी-कर्मचारी ज्योतिपुर पेण्ड्रारोड में धरना-प्रदर्शन पर बैठे रहे।

हड़ताल के दूसरे दिन भी राज्य सरकार द्वारा कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन से किसी प्रकार की वार्ता की पहल नहीं किए जाने के कारण पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 31 दिसम्बर को भी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
गौरेला–पेण्ड्रा–मरवाही जिले में हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा, वहीं स्कूलों में भी पढ़ाई बाधित रही।
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वर्ष 2019 से देय तिथि से महंगाई भत्ता (डीए) नहीं दिए जाने के कारण कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनरों को अब तक लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। भाजपा सरकार ने “मोदी की गारंटी” के तहत केंद्र सरकार के समान डीए देने एवं बकाया एरियर्स राशि जीपीएफ खाते में जमा करने का वादा किया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार जुलाई माह से देय डीए को होली के समय मार्च से तथा जनवरी माह के डीए को दीवाली के समय अक्टूबर से देकर कर्मचारियों के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचा रही है। इससे सेवाकाल के साथ-साथ सेवानिवृत्ति के बाद भी कर्मचारियों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
नेताओं ने यह भी कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा संवर्ग के अधिकारियों को देय तिथि से डीए दिया जा रहा है, जबकि अन्य कर्मचारियों एवं अधिकारियों का लाखों रुपये का एरियर्स बकाया है, जो पूर्णतः भेदभावपूर्ण नीति को दर्शाता है।
कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि डीए कर्मचारियों का अधिकार है और अधिकारों के हनन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यही कारण है कि प्रदेश के 125 कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि संगठन कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के नेतृत्व में तीन दिवसीय हड़ताल की जा रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में प्रमुख रूप से —
डॉ. संजय शर्मा (जिला संयोजक), प्रवीण श्रीवास (प्रदेशाध्यक्ष, अनुसूचित क्षेत्र कर्मचारी अधिकारी संघ), धीरज पांडे (जिलाध्यक्ष, पटवारी संघ), अमरीक सिंह (जिलाध्यक्ष, व्यायाम शिक्षक संघ), कविता शर्मा (जिलाध्यक्ष, पर्यवेक्षक संघ), सरिता सिंह (प्रदेश महामंत्री, स्वास्थ्य संघ), अक्षय नामदेव, सत्य नारायण जायसवाल, पीयूष गुप्ता (प्रदेश संयोजक, कैशलेस कर्मचारी संघ), अभिषेक शर्मा, लक्ष्मी शंकर गुप्ता, सूरज चौहान, प्यारेलाल पुरी, छोटूलाल रात्रे, अनुजय वैश्य, राजेश सोनी, उषा कोशले, बलराम तिवारी शामिल रहे।
धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से —
डॉ. बी.पी. सिंह, सचिन तिवारी, राजकिशोर टंडन, प्रीतम कोशले, प्रकाश रैदास, अजय सप्रे, किशन राठौर, संजय नामदेव, रामकुमार बघेल, लाल बहादुर कौशिक, बलराम मराबी, मुकेश निषाद, मोनिका जैन, जेपी पैकरा, जनभान सिंह पैकरा, राकेश चौधरी, बी.एल. पांडे, संजय गुप्ता, राकेश तिवारी, तुलसी महिलांगे, राजेश चौधरी, संजय सोनी, रामप्रमोद तिवारी, प्रवीण कौशिक, आर.के. तिवारी, मुकेश सिंह ठाकुर, परसराम चौधरी, संतोष कश्यप, रणजीत सिंह राठौर, अरुण कछवाहा, प्रकाश जायसवाल, सतीश श्रीवास, सुदर्शन भैना, कैलाश लदेर, रोजा गुड़िया, रूपेश गुप्ता, डॉ. प्रीति सिंह, प्रकाश तिवारी सहित विभिन्न संगठनों के जिलाध्यक्ष, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित रहे।







