निस्तारी भूमि पर कब्जा कर पीएम आवास निर्माण का आरोप, उषाढ़ में भड़का जनाक्रोश

Picture of Chhattisgarh Dastak 24

Chhattisgarh Dastak 24

FOLLOW US:

SHARE:

तीन दिन में कार्रवाई नहीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी — प्रशासन की चुप्पी पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने दिया समर्थन

आशीष श्रीवास / मरवाही (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही), 18 मार्च 2026

जनपद पंचायत मरवाही अंतर्गत ग्राम पंचायत उषाढ़ में निस्तारी (सार्वजनिक) भूमि पर कथित अवैध कब्जा कर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण कराए जाने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर गांव में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है और बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम उषाढ़ निवासी श्रीमती गीता दुबे को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ है। आरोप है कि उनके पुत्र द्वारा निजी भूमि को छोड़कर गांव की निस्तारी भूमि, खसरा नंबर 1180 (रकबा 30.1620) पर जबरन कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। यह भूमि वर्षों से गांव की सार्वजनिक उपयोग की भूमि रही है, जहां तालाब एवं अन्य सामुदायिक गतिविधियां संचालित होती रही हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के दौरान तालाब किनारे स्थित पेड़-पौधों की अवैध कटाई भी की गई है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है बल्कि गांव की पारंपरिक व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।

कई बार की शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं

इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत, तहसील कार्यालय मरवाही, आवास शाखा एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को पूर्व में कई बार लिखित शिकायतें दी हैं। साथ ही जिला कलेक्टर सहित उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया, लेकिन 17 मार्च 2026 तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

18 मार्च को बड़ी संख्या में ग्रामवासी विवादित स्थल पर एकत्रित हुए और निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि सार्वजनिक भूमि पर इस प्रकार का निर्माण गांव के अधिकारों का हनन है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तीन दिनों के भीतर अवैध निर्माण कार्य पर रोक लगाकर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन “कुंभकर्णी नींद” में है और उसे जगाने के लिए अब आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बचा है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अल्टीमेटम के बावजूद संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे प्रशासन की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मौन कहीं न कहीं सांठगांठ की ओर इशारा करता है।

राजनीतिक समर्थन, आंदोलन होगा तेज

इस मुद्दे को लेकर अब राजनीतिक रंग भी देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों के समर्थन में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पदाधिकारी भी मैदान में उतर आए हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो उनके नेतृत्व में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

📌 मुख्य बिंदु एक नजर में:

निस्तारी भूमि (खसरा नं. 1180) पर अवैध कब्जे का आरोप

पीएम आवास योजना के तहत निर्माण विवादों में

प्रशासन को कई बार दी गई शिकायत, कार्रवाई शून्य

तीन दिन में कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

बड़ी संख्या में ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का समर्थन

ग्राम उषाढ़ में निस्तारी भूमि पर कब्जे का यह मामला अब तूल पकड़ चुका है। प्रशासन की निष्क्रियता और ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

Leave a Comment

और पढ़ें