रेत की अवैध खनन एव परिवहन जोरो पर ,जिम्मेदारो का सरंक्षण भी चोरों पर

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संवाददाता.. धनकुमार कौशिक,छत्तीसगढ़ दस्तक 24, बलौदा बाजार..

बलौदाबाजार तहसील लवन से 7 किलोमीटर दूर बसा गॉव तिल्दा ,10 किलोमीटर दूर बसा गॉव सुनसुनिया यहां ग्रामीण मजदूरों से बेलचा फावड़ा के सहयोग से पाल कछार में रेत की अवैध खनन जोरो पर है रेत की लोडिंग ट्रेक्टरों पर मजदूरों द्वारा रेत तस्करी में लगे ग्रामीण कराकर लवन आसपास के गॉव में परिवहन कराकर शासन प्रशासन को लाखों रुपए का रोजाना राजश्व नुकसान पहुंचा रहे हैं।राजश्व नुकसान के अलावा रेत लोडिंग ट्रैक्टरो के सड़कों पर चलने से जंहा सड़क जर्जर हो रहा है वहीं नाबालिग एवं बिना हेवी लायसेंस धारी के हाथों में ट्रैक्टरो के स्टेयरिंग के चलते दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है।यह गोरख धंधा विगत कई वर्षो से हो रहा है।अब तक ट्रैक्टरो से रेत की अवैध परिवहन लगातार होने से शासन को करोड़ों रुपए की चपत लगा होगा जिसका अंदाजा लगाने की फुर्सत जिम्मेदार अधिकारियों के पास नहीं है।ट्रैक्टर शो रूम से इस नियम के तहत जारी किए जाते हैं कि उसका उपयोग खेती बाड़ी मतलब कृषि कार्यो में उपयोग किये जायेंगे लेकिन जमीनी हकीकत यह कुछ अलग यहां क्षेत्र के गॉव में लोगों द्वारा ख़रीदी किये गए 98 प्रतिशत ट्रैक्टर सिर्फ रेत की अवैध परिवहन में उपयोग होते हुए आ रहा है।यातायात अलग सोए हैं आर टी ओ की नजर कभी भी रेत लोडिंग ट्रैक्टरो पर नहीं पड़ा है।नहीं राजश्व विभाग राजश्व नुकसान रोकने में मेहनत करना चाहते हैं, पत्रकारिता जगत जुड़े लवन के गिने चुने जिम्मेदार पत्रकारो द्वारा अपनी जान माल को जोखिम में डालकर हमेशा शासन प्रशासन को जानकारी देते रहा है लेकिन कभी भी जिम्मेदारी पूर्वक अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करने से रेत तस्करी में लगे ट्रैकर मालिक एवं उनके चालकों के हौसले बुलंद हैं।उक्त मामले को लेकर नव पदस्थ कलेक्टर के प्रेस कॉन्फ्रेंस में लवन क्षेत्र के कुछ पत्रकारो ने जिला के तमाम पत्रकारो की उपस्थिति में उक्त गम्भीर मुद्दे को प्रकाश में लाया गया था जिस पर अभी तक जिम्मेदार विभाग ने अमल में नहीं लाया गया है।निश्चित ही अवैध कारोबार का नेटवर्क बलौदाबाजार जिला के कोने में मकड़े की जाल की तरह फैला हुआ है, कब इस जाल से आम जनता को छुटकारा मिलेगा यह कहना अभी बहुत मुश्किल है।इस संबंध में ग्रामीण स्तरों पर सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी संदिग्ध है।वह लोग भी अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटते रहे हैं जिनका प्रत्यक्ष लाभ रेत तस्करी में लगे ग्रामीण एवं ट्रैक्टर मालिक एवं चालको को मिलते आ रहा है ।इस मामले में जिला खनिज विभाग बलौदाबाजार से अवधेश बारीक ने कहा कि मामले में नजर बनी हुई है।कार्रवाई बड़ी होगी,किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

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Author: Aashis Shrivas

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