सरकारी शिक्षक संतोष गुप्ता ने रचा इतिहास

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सरकारी शिक्षक संतोष गुप्ता ने रचा इतिहास

पुरानी साइकिल पर बिना सपोर्ट टीम 6000 किमी का गोल्डन क्वाड्रिलेटरल किया फतह

अतुल गुप्ता | ब्यूरो चीफ, मुंगेली

मुंगेली – छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से निकलकर एक सरकारी प्राथमिक स्कूल शिक्षक ने वह कर दिखाया, जो बड़े-बड़े संसाधनों और टीमों के बिना असंभव माना जाता है। शासकीय शिक्षक संतोष गुप्ता ने भारत के गोल्डन क्वाड्रिलेटरल (दिल्ली–कोलकाता–चेन्नई–मुंबई–दिल्ली) की लगभग 6000 किलोमीटर लंबी दूरी को मात्र 24 दिन, 18 घंटे और 7 मिनट में साइकिल से पूरा कर इतिहास रच दिया।

इस ऐतिहासिक यात्रा की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि संतोष गुप्ता ने यह पूरा सफर बिना किसी सपोर्ट टीम, बिना अत्याधुनिक संसाधनों और एक साधारण पुरानी सिंगल-गियर साइकिल पर अकेले तय किया। 24 नवंबर की शाम नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट पहुंचते ही उनका यह साहसिक अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

रोज 60 किमी साइकिलिंग बना सफलता की ताकत

संतोष गुप्ता मुंगेली जिले के सल्फा गांव स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में पदस्थ हैं। वे वर्षों से प्रतिदिन बिलासपुर से सल्फा गांव तक 30 किलोमीटर साइकिल चलाकर स्कूल जाते हैं और पढ़ाई के बाद 30 किलोमीटर साइकिल चलाकर घर लौटते हैं। यही रोजमर्रा की मेहनत, अनुशासन और संकल्प उनकी शारीरिक क्षमता और मानसिक मजबूती का आधार बनी, जिसने इस दुर्गम यात्रा को संभव बनाया।

पहले भी कर चुके हैं असाधारण यात्राएं

यह पहली बार नहीं है जब संतोष गुप्ता ने असंभव को संभव किया हो। वे इससे पहले बिलासपुर–नेपाल–बिलासपुर तथा लेह–लद्दाख तक की दुर्गम साइकिल यात्राएं पूरी कर चुके हैं। इसके अलावा वे छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों का भ्रमण भी साइकिल से कर चुके हैं।

युवाओं के लिए बने प्रेरणा

साधारण जीवन, सीमित संसाधन और असाधारण संकल्प—यही संतोष गुप्ता की पहचान है। उनका यह ऐतिहासिक सफर यह संदेश देता है कि मजबूत इच्छाशक्ति, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी व्यक्ति असाधारण ऊंचाइयों को छू सकता है। आज वे न केवल शिक्षक, बल्कि युवाओं और समाज के लिए प्रेरणा के प्रतीक बन चुके हैं।

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