प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही पर प्रशासन सख़्त
28 फरवरी तक सभी अप्रारंभ व प्रगतिरत आवास पूर्ण करने के निर्देश
संवाददाता: अतुल गुप्ता | ब्यूरो चीफ, मुंगेली
मुंगेली। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वालों पर अब सख्ती की जा रही है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पांडेय ने योजना के अंतर्गत जिले में संचालित आवास निर्माण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि सभी अप्रारंभ एवं प्रगतिरत आवासों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 28 फरवरी तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 के शेष पूर्ण हो सकने वाले आवासों तथा 2024-25 तक के प्रगतिरत आवासों की विस्तृत स्थिति पर चर्चा की गई। सीईओ श्री पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का मूल उद्देश्य जरूरतमंद एवं पात्र हितग्राहियों को समय पर पक्का आवास उपलब्ध कराना है, ऐसे में अधिकारियों और मैदानी अमले की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता पर विशेष जोर
सीईओ ने जिले की सभी जनपद पंचायतों को निर्देशित किया कि आवास निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्तापूर्ण निर्माण तथा पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हितग्राहियों को समय पर आवश्यक जानकारी और तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाए, ताकि उन्हें योजना का पूर्ण लाभ मिल सके और किसी भी स्तर पर भ्रम या परेशानी की स्थिति न बने।
धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
बैठक के दौरान श्री पांडेय ने क्षेत्रवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में आवास निर्माण की गति धीमी है, वहां क्लस्टर बनाकर विशेष निगरानी की जाए। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
लापरवाह आवास मित्रों पर त्वरित कार्रवाई
समीक्षा बैठक में कार्य में लापरवाही पाए जाने पर डाड़गांव एवं सेनगुड़ा के आवास मित्रों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश दिए गए। वहीं तरवरपुर एवं खपरी के आवास मित्रों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। सीईओ ने स्पष्ट किया कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अप्रारंभ आवासों पर भी सख्त रुख
इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2024-25 के सभी अप्रारंभ आवासों को शीघ्र प्रारंभ कराने के लिए संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ, बीसी तथा तकनीकी सहायकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य की पूर्ति में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, ब्लॉक समन्वयक, तकनीकी सहायक, आवास मित्र सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।







