बसंत पंचमी पर सरस्वती शिशु मंदिर बरेला में श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुई मां सरस्वती की पूजा
अतुल गुप्ता /ब्यूरो चीफ, मुंगेली
बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर बरेला में विद्या, वाणी और कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापना से हुई, जिसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई गई।

पूजा-अर्चना के उपरांत विद्यालय परिसर में सामूहिक वंदना का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, आचार्यों एवं उपस्थित अतिथियों ने सहभागिता की। वंदना के पश्चात हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय एवं आध्यात्मिक हो गया। हवन उपरांत मां सरस्वती की आरती की गई तथा सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया।
इस अवसर पर नगर पंचायत बरेला के अध्यक्ष श्री नरेश पटेल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में मां सरस्वती की महिमा का वर्णन करते हुए पौराणिक कथा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सृष्टि के प्रारंभिक काल में भगवान विष्णु की आज्ञा से ब्रह्मा जी ने मनुष्य योनि की रचना की, किंतु सृष्टि मौन होने के कारण पूर्ण नहीं थी। तत्पश्चात ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से जल पृथ्वी पर छिड़का, जिससे एक दिव्य शक्ति के रूप में चतुर्भुज सुंदर देवी प्रकट हुईं। उनके एक हाथ में वीणा, दूसरे में पुस्तक, तीसरे में माला तथा चौथे हाथ में वर मुद्रा थी। देवी के नाद से समस्त देवताओं, मनुष्यों एवं जीव-जंतुओं को वाणी प्राप्त हुई। यही देवी सरस्वती कहलाईं, जिन्हें शारदा, वीणावादिनी एवं वाग्देवी जैसे अनेक नामों से जाना जाता है।
कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री संजय निर्मलकर, सभापति श्री विजय दीवान, उपाध्यक्ष श्री नोहर सिंह ठाकुर, प्राचार्य श्री विनोद पटेल सहित श्री संतोष पटेल, कृपाल सिंह ध्रुव, अखिलेश कश्यप, मुमताज खान, मुस्कान परवीन, भारती देवांगन, ललिता धुरी, प्रमोद धुरी, स्मृति पटेल, रेशम सिंह, अंजनी निर्मलकर, आरती दिवाकर, राधेलाल जायसवाल सहित विद्यालय के समस्त भैया-बहन, शिक्षकगण एवं नगरवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन मां सरस्वती से सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, ज्ञान, संस्कार और सद्बुद्धि की कामना के साथ हुआ।







