सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन का एकदिवसीय धरना
जीपीएम, 17 जनवरी 2026।

जिला गौरेला–पेंड्रा–मरवाही में सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने प्रांतीय आह्वान पर अपनी 4 सूत्रीय प्रमुख माँगों को लेकर शुक्रवार को एकदिवसीय धरना–प्रदर्शन किया। संगठन ने मोदी की गारंटी के तहत किए वादों के पूरा न होने पर सरकार के प्रति गहरा असंतोष व्यक्त किया।
वेतन विसंगति और क्रमोन्नत वेतनमान प्रमुख मुद्दे
जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार राठौर ने कहा कि चुनाव से पहले सरकार ने मोदी की गारंटी में सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने और सभी शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान देने का वादा किया था, लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।उन्होंने बताया कि इससे पूरे प्रदेश के LB संवर्ग शिक्षकों में गहरी निराशा और असंतोष व्याप्त है।
TET अनिवार्यता का शिक्षकों ने किया विरोध
TET अनिवार्यता को लेकर भी शिक्षकों में आक्रोश देखा गया।संगठन का कहना है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति 25–27 वर्ष पहले नियमानुसार हुई थी, उन्हें आज नए नियमों के आधार पर अयोग्य घोषित करना अन्यायपूर्ण है।प्रमोशन और नौकरी पर खतरा बताकर TET का दबाव बनाना शिक्षकों के अधिकारों का हनन है।
VSK App पर गंभीर आपत्ति: निजता और सुरक्षा पर उठे सवाल
VSK App के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की अनिवार्यता को भी शिक्षकों ने सख्ती से खारिज किया।
शिक्षकों ने कहा कि—
यह ऐप निजी मोबाइल में डेटा एक्सेस करता है,बैंक से जुड़े मोबाइल नंबरों के चलते साइबर जोखिम बढ़ जाता है,कई शिक्षक ठगी का शिकार भी हो चुके हैं,मोबाइल खराब या बैटरी खत्म होने पर उपस्थिति दर्ज करने का कोई विकल्प नहीं दिया गया है।शिक्षक फेडरेशन ने इसे निजता का उल्लंघन बताया और ऐप को तुरंत बंद करने की माँग की।
4 सूत्रीय प्रमुख माँगें
संगठन द्वारा प्रस्तुत मुख्य माँगें—
मोदी की गारंटी के तहत वेतन विसंगति दूर की जाए।
सभी शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान किया जाए।
पूर्व सेवा की गणना करते हुए समस्त लाभ दिया जाए
TET की अनिवार्यता समाप्त की जाए और VSK App बंद किया जाए।
यदि ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य है, तो विभाग की ओर से डिवाइस उपलब्ध कराया जाए या पुराने टैबलेट की मरम्मत कराई जाए।
सैकड़ों शिक्षकों की उपस्थिति, ज्ञापन सौंपा गया
धरना–प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए, जिनमें दिनेश कुमार राठौर, ओमप्रकाश सोनवानी, अजय चौधरी, किरण रघुवंशी, अमिताभ चटर्जी, कन्हैया सोनवानी, मोहनराम मिश्रा, सुपेत मरावी, संजय सोनी, राजेश चौधरी, राज कुमार पटेल, रत्नेश सोनी, भागीरथी कैवर्त, महेंद्र मिश्रा, हेमन्त राठौर, विनय प्रताप सिंह राठौर, धर्मेन्द्र कैवर्त, विजय साहू, संदीप दुबे, पारस सिंह प्रधान सहित सैकड़ों LB संवर्ग शिक्षक शामिल रहे।
संगठन ने अपनी माँगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार शेषनारायण जायसवाल को सौंपा।
आगे अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने माँगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन–प्रशासन की होगी।
Author: Awas Kaiwart
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