गोरखपुर–पंडरीपानी मार्ग बना मौत का रास्ता – जनमन योजना के नाम पर सड़क की बलि, प्रशासन की लापरवाही उजागर

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गोरखपुर–पंडरीपानी मार्ग बना मौत का रास्ता
जनमन योजना के नाम पर सड़क की बलि, प्रशासन की लापरवाही उजागर

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही।

गोरखपुर–पंडरीपानी पहुंच मार्ग, जो साल्हेघोरी पंचायत की ओर जाता है, साल्हेघोरी जो कि छत्तीसगढ़ को मध्यप्रदेश से जोड़ती है आज अपनी बदहाली पर ( गोरखपुर–पंडरीपानी पहुंच मार्ग ) खुद रो रहा है। यह मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत निर्मित किया गया था, लेकिन वर्तमान में साल्हेघोरी पंचायत क्षेत्र में जनमन सड़क मार्ग कार्य चलने के कारण भारी वाहनों के अत्यधिक दबाव से यह सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है।


सड़क पर बने गहरे गड्ढे, उखड़ी गिट्टी और धंसी सतहें किसी भी समय बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं। जनमन योजना के तहत बन रही सड़क के लिए बजरी और गिट्टी की आपूर्ति इसी मार्ग से की जा रही है। लगातार हाईवा और भारी ट्रकों की आवाजाही ने इस पीएमजीएसवाई सड़क को मौत के रास्ते में तब्दील कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि दोपहिया वाहन तो दूर, चारपहिया वाहन चालकों के लिए भी इस मार्ग से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।

जनप्रतिनिधि ने खोली प्रशासन की पोल

सड़क की भयावह स्थिति का जायजा लेने जिला पंचायत सदस्य पवन पैकरा स्वयं मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़क की दुर्दशा को गंभीर बताते हुए कहा कि यह प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने बताया कि दो माह पूर्व संबंधित विभाग के इंजीनियर को सड़क की मरम्मत के लिए स्पष्ट निर्देश और आग्रह किया गया था, लेकिन आज दिनांक तक न कोई मरम्मत हुई और न ही कोई वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की गई।

हर दिन मंडरा रहा हादसे का खतरा
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से गुजरते समय हर दिन डर बना रहता है। स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं, मरीजों और बुजुर्गों के लिए यह सड़क सबसे बड़ी मुसीबत बन चुकी है। एंबुलेंस और आपातकालीन वाहन कई बार गड्ढों में फंस चुके हैं। धूल, कीचड़ और टूटी सड़क ने लोगों का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

जर्जर सड़क के कारण भारी नुकसान
किसी भी समय जानलेवा सड़क दुर्घटना की आशंका
वाहन क्षतिग्रस्त होने से आर्थिक नुकसान
स्वास्थ्य सेवाओं में देरी, मरीजों की जान खतरे में
छात्रों की पढ़ाई और ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित
शासन की योजनाओं पर जनता का भरोसा कमजोर

चेतावनी: जल्द सुधार नहीं तो होगा आंदोलन
जिला पंचायत सदस्य पवन पैकरा ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि गोरखपुर–पंडरीपानी मार्ग की तत्काल मरम्मत और मजबूतीकरण नहीं किया गया, तथा पीएमजीएसवाई के अंतर्गत बनी इस सड़क की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के नाम पर आम जनता की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सवालों के घेरे में प्रशासन

🔴 दो माह पहले दी गई सूचना, फिर भी मौन क्यों?

जब जिला पंचायत सदस्य द्वारा दो माह पूर्व ही संबंधित विभाग के इंजीनियर को गोरखपुर–पंडरीपानी मार्ग की जर्जर स्थिति से अवगत करा दिया गया था, तो अब तक मरम्मत क्यों नहीं कराई गई?

🔴 भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही किसके आदेश पर?

जनमन योजना के तहत सामग्री ढुलाई के लिए इस कमजोर ग्रामीण सड़क का उपयोग किस अनुमति से किया जा रहा है? क्या सड़क की क्षमता का आकलन किया गया था?

🔴 दुर्घटना हुई तो जिम्मेदार कौन?

यदि इस मार्ग पर कोई जानलेवा दुर्घटना होती है, तो उसकी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी किसकी होगी — संबंधित विभाग, ठेकेदार या प्रशासन?

🔴 वैकल्पिक मार्ग क्यों नहीं बनाया गया?

निर्माण सामग्री परिवहन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था क्यों नहीं की गई, जबकि सड़क की हालत पहले से खराब थी?

🔴 मरम्मत बजट कहां गया?

क्या इस सड़क के लिए स्वीकृत मरम्मत राशि का उपयोग कहीं और तो नहीं कर दिया गया?

🟥 जनता पूछ रही है:

क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, ताकि बाद में जांच और मुआवजे का दिखावा किया जा सके?

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