रामलला दर्शन योजना से जनकल्याणकारी अभियानों तक— एक ही दिन में कई कार्यक्रमों में सक्रिय रहे जिला पंचायत सदस्य पवन पैकरा
गौरेला–पेंड्रा–मरवाही
दिनांक 07 जनवरी 2026 को जिला पंचायत सदस्य श्री पवन पैकरा जिले में आयोजित धार्मिक, सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाते हुए नजर आए। एक ओर जहां उन्होंने मुख्यमंत्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अयोध्या के लिए रवाना हो रहे श्रद्धालुओं को विदा किया, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत जिला गौरेला–पेंड्रा–मरवाही से 48 श्रद्धालुओं का जत्था अयोध्या के लिए रवाना हुआ। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री पवन पैकरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला।

अपने संबोधन में श्री पैकरा ने कहा कि मुख्यमंत्री रामलला दर्शन योजना केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भावनाओं से जुड़ा एक ऐतिहासिक कदम है। यह योजना उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जो आर्थिक कारणों से धार्मिक स्थलों की यात्रा नहीं कर पाते। उन्होंने सभी यात्रियों की सुरक्षित, सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना की।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती श्याममढ़ी बृजलाल राठौर, ग्राम पंचायत सेमरा के सरपंच श्री तूफान सिंह धुर्वे, जिला पंचायत के पंचायत उपसंचालक श्री पारसराम पंद्रे, जिला पंचायत के एपीओ श्री कीर्ति खुसरो, जनपद पंचायत के एडीओ श्री राजेश कुमार बरुआ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं श्रद्धालुओं के परिजन उपस्थित रहे।
धार्मिक ( प्रशासनिक ) कार्यक्रम के उपरांत जिला पंचायत सदस्य श्री पवन पैकरा ने अपने जिला पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी, कोरजा एवं चूकतीपानी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने क्रमशः आयोजित रोजगार दिवस (VB–G.RAM.G), आवास दिवस तथा चावल दिवस कार्यक्रमों में भाग लिया। कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर रोजगार, आवास, राशन वितरण एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुना।

रोजगार दिवस के अवसर पर उन्होंने ग्रामीण युवाओं और श्रमिकों से कहा कि शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का उद्देश्य गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना है, जिससे पलायन रुके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त हो। आवास दिवस कार्यक्रम में उन्होंने पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास का लाभ दिलाने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं चावल दिवस के दौरान उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी गरीब परिवार को राशन से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
श्री पवन पैकरा ने कहा कि “विकसित भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी, जब गांव मजबूत होंगे और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बरती जाए।
एक ही दिन में जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय उपस्थिति से यह स्पष्ट होता है कि जनप्रतिनिधि के रूप में वे जमीनी स्तर पर जनता से जुड़े रहकर कार्य कर रहे हैं। उनके दौरे से ग्रामीणों में सकारात्मक संदेश गया और लोगों ने जनसमस्याओं के समाधान को लेकर आशा व्यक्त की।







