मारवाही में NSUI मरवाही विधानसभा अध्यक्ष के नेतृत्व में छात्रों का प्राचार्य के नाम ज्ञापन, लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन व शासकीय आचरण पर उठाए सवाल

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छात्र संघ चुनाव बहाली व शिक्षिका विवाद मामले पर NSUI का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग

मारवाही में NSUI मरवाही विधानसभा अध्यक्ष के नेतृत्व में छात्रों का प्राचार्य के नाम ज्ञापन, लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन व शासकीय आचरण पर उठाए सवाल


मारवाही, छत्तीसगढ़

प्रदेश के समस्त शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव की बहाली तथा वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय, मारवाही में पदस्थ अतिथि शिक्षिका से जुड़े विवादित प्रकरण को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के तहत मारवाही में जोरदार प्रदर्शन किया। NSUI मरवाही विधानसभा अध्यक्ष के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने एकत्र होकर महाविद्यालय के प्राचार्य के माध्यम से माननीय राज्यपाल महोदय, छत्तीसगढ़ के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में छात्रों ने बताया कि विगत कई वर्षों से प्रदेश के महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का निरंतर हनन हो रहा है। छात्रों का कहना है कि यह स्थिति उनकी आवाज को दबाने का कार्य कर रही है और छात्र हितों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। NSUI पदाधिकारियों ने कहा कि छात्र संघ चुनाव छात्रों के अधिकार, सम्मान और सहभागिता की बुनियाद है तथा इसके माध्यम से नेतृत्व क्षमता और लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास होता है।

इसके साथ ही NSUI ने महाविद्यालय में पदस्थ अतिथि शिक्षिका डॉ. अनुराधा शुक्ला से जुड़े हालिया विवाद को भी गंभीर मुद्दा बताया। संगठन के अनुसार, रामनवमी के अवसर पर सर्वेश्वरी देवी मंदिर में उनका पुजारी/व्यवस्थापक के साथ विवाद हुआ, जिसके बाद उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। उक्त वीडियो में उनके द्वारा “मैं और मेरे विद्यार्थी परिषद के बच्चे” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया, जिस पर NSUI ने कड़ी आपत्ति जताई है।

NSUI का कहना है कि किसी शासकीय महाविद्यालय की शिक्षिका द्वारा किसी छात्र संगठन को “अपने” विद्यार्थियों के रूप में संबोधित करना पूर्णतः अनुचित है और यह शासकीय सेवा आचरण नियमों के विपरीत है। इससे न केवल शिक्षण कार्य में निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगता है, बल्कि महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण एवं अनुशासन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

NSUI मरवाही विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि एक शिक्षक से अपेक्षा की जाती है कि वह सभी विद्यार्थियों के प्रति समान दृष्टिकोण रखे और किसी भी प्रकार की राजनीतिक या वैचारिक पक्षधरता से दूर रहे। इस प्रकार की घटनाएं छात्रों के बीच भेदभाव और असंतोष को जन्म दे सकती हैं।

ज्ञापन में प्रमुख मांग की गई कि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव तत्काल बहाल किए जाएं, चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से कराए जाएं तथा चुनाव कार्यक्रम की शीघ्र घोषणा की जाए। साथ ही शिक्षिका से जुड़े विवादित मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

NSUI नेतृत्व ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही छात्र संघ चुनाव बहाल नहीं किए गए एवं उक्त मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन अपने आंदोलन को और अधिक तेज एवं उग्र करेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा एवं निष्पक्ष शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की मांग का समर्थन किया।

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