राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत जिले के विद्यार्थियों का विशाखापट्टनम शैक्षणिक भ्रमण
संवाददाता – अतुल गुप्ता / ब्यूरो चीफ, मुंगेली
मुंगेली, 06 फरवरी 2026।
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत जिले के चयनित 21 विद्यार्थियों को विशाखापट्टनम का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस शैक्षणिक यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की पुस्तकीय शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार एवं तकनीकी समझ से जोड़ना था।

यह भ्रमण कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री एल. पी. डाहिरे के मार्गदर्शन में 03 फरवरी से 07 फरवरी 2026 तक आयोजित किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विद्यार्थियों ने 03 फरवरी को मुंगेली से रेल मार्ग द्वारा विशाखापट्टनम के लिए प्रस्थान किया।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विशाखापट्टनम के प्रमुख शैक्षणिक, वैज्ञानिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थलों का अवलोकन किया। इनमें सबमरीन म्यूजियम, एयरक्राफ्ट म्यूजियम, आर.के. बीच, थोटलकोंडा, नेचुरल आर्च बीच, ऋषिकोंडा बीच, शिप व्यू प्वाइंट, कैलाशगिरी, टेनेटी पार्क, मत्स्य दर्शिनी तथा फिल्म स्टूडियो प्रमुख रहे।

इन स्थलों के भ्रमण से विद्यार्थियों को समुद्री विज्ञान, रक्षा तकनीक, पर्यावरण संरक्षण, समुद्री जैव विविधता, इतिहास एवं आधुनिक तकनीकी विकास की प्रत्यक्ष और व्यवहारिक जानकारी प्राप्त हुई। विद्यार्थियों ने विशेष रूप से पनडुब्बी और विमान संग्रहालयों में रक्षा क्षेत्र में प्रयुक्त अत्याधुनिक तकनीकों को करीब से समझा, जिससे उनमें विज्ञान के प्रति रुचि और जिज्ञासा और अधिक बढ़ी।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा, आवास, भोजन एवं अनुशासन की समुचित व्यवस्था की गई थी। पूरे भ्रमण काल में नोडल शिक्षक एवं मार्गदर्शक शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों का सतत मार्गदर्शन एवं निगरानी की गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने समूह में कार्य करना, समय प्रबंधन, अनुशासन, सामाजिक व्यवहार और आत्मनिर्भरता जैसे जीवनोपयोगी गुण भी सीखे।
भ्रमण कार्यक्रम का समापन 07 फरवरी 2026 को विद्यार्थियों की सुरक्षित वापसी के साथ किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी श्री एल. पी. डाहिरे ने इस अवसर पर कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच, आत्मविश्वास एवं सीखने की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को नई सोच, नई दिशा और भविष्य के लिए बेहतर तैयारी का अवसर मिल रहा है, जिससे वे देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।







