नवीन पाठयपुस्तक आधारित पाँच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण मरवाही भर्रीडांड में हुआ संपन्न बच्चों को मिल सकती है पढ़ने की नई दिशा

Picture of Chhattisgarh Dastak 24

Chhattisgarh Dastak 24

FOLLOW US:

SHARE:

नवीन पाठयपुस्तक आधारित पाँच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण मरवाही भर्रीडांड में हुआ संपन्न बच्चों को मिल सकती है पढ़ने की नई disha

समापन दिवस में डीआरजी एसआरजी सहित मरवाही बीईओ आर एन चंद्रा ने बच्चों में पढ़ने समझने और बुनियादी गणितीय कौशल विकसित करने हेतु फोकस किया।

बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान कौशल 2020 अंतर्गत शिक्षकों ने फोर ब्लॉक मॉडल के महत्व को जाना।

मरवाही/पेंड्रा: – नवीन पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षक प्रशिक्षण का आयोजन मरवाही विकासखण्ड के जोन क्रमाँक 2 स्वामी आत्मानंद हिन्दी /अंग्रेजी माध्यम विद्यालय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भर्रीडांड में 15 दिसंबर से 20 दिसंबर तक आयोजित किया गया।प्रथम चरण के प्रशिक्षण में मरवाही ब्लॉक के 14 संकुलों के शिक्षकों ने एफ एल एन अंतर्गत नवीन पाठ्यपुस्तक आधारित प्रशिक्षण प्राप्त किया।इस प्रशिक्षण के मास्टर ट्रेनर्स पंचराम कैवर्त,डीना टान्डिया सूरज राय ने सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया एवं इस प्रशिक्षण के नोडल दिनेश अग्रवाल थे।

प्रशिक्षण में मुख्य रूप से एन सी एफ के अनुसार गणित के चार ब्लॉक मॉडल मौखिक गणित,कौशल शिक्षण,कौशल अभ्यास,गणित के खेल के बारे में जानकारी दी गई एवं भाषा के चार ब्लॉक मॉडल मौखिक भाषा, डिकोडिंग,पढ़ना,लेखन पर विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान कर ग्रुप एक्टिविटी के माध्यम से कक्षा शिक्षण लागू करने हेतु प्रेरित किया गया।

साथ ही औपचारिक दैनिक सतत आकलन,सप्ताहिक आकलन,सावधिक आकलन करने हेतु बताया गया।बुनियादी गणित में निपुणता,गणित में अवधारणात्मक समझ,प्रक्रियात्मक समझ,रणनीतिक दक्षता,अनुकूलित तर्क व उत्पादकता स्वभाव पर विशेष रूप से काम करने जोर दिया गया तथा पुस्तक के पाँच महत्वपूर्ण क्षेत्र शारीरिक विकास,संज्ञानात्मक विकास,सामाजिक एवं भावनात्मक विकास,सौंदर्य और प्राकृतिक विकास,भाषा एवं साक्षरता विकास के बारे में शिक्षकों को अवगत कराते हुए भाषा में 26 सप्ताह व गणित में 25 सप्ताह तक कार्य चलने की बात कही गई।इसके साथ अंग्रेजी के फोर ब्लॉक मॉडल एवं टीपीआर अर्थात टोटल फिजिकल रिस्पॉन्स पर ध्यान देते हुए बच्चों में दक्षता लाकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जुट जाने हेतु कहा गया।

प्रशिक्षण में निपुण भारत व ग्रेज्यूल रिलीज ऑफ रिस्पांसबिलिटी अर्थात जिम्मेदारियों का क्रमिक हस्तांतरण के बारे में बताया गया तथा बच्चों की रुचि व कमियों पर ध्यान देने ,खेल एवं योग के महत्व पर शिक्षकों का ध्यान केंद्रित किया गया। प्रशिक्षण के नोडल दिनेश अग्रवाल ने प्रशिक्षण में प्राप्त किये अनुभव व ज्ञान को कक्षा में पहुँचाकर बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने हेतु कहा गया ताकि प्रशिक्षण की उपयोगिता सिद्ध हो सके।

मरवाही बीईओ रविन्द्रनाथ चंद्रा ने शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने हेतु कहा गया साथ ही बॉडी लैंग्वेज टीपीआर पर फोकस कर एफ एल एन पर काम करने तथा बच्चों में बुनियादी कौशलता पढ़ने समझने और गणितीय कौशल विकसित करने की बात कही गई।प्रशिक्षण को अनुकरणीय व रोचकता से परिपूर्ण बनाने हेतु शिक्षकों में कलाओं का समावेश होना चाहिए जिससे विद्यार्थियों की क्षमता बढ़ सके उनकी छिपी हुई प्रतिभा उजागर हो सके।

प्रशिक्षण में मुख्य रूप से सेजेस प्राचार्य के.एस. ठाकुर, विजय साहू,गीता नागवंश,संजय टान्डिया, पंचराम कैवर्त,डीना टान्डिया ,सूरज राय सहित कृष्णकांत कोशरिया,बलराम तिवारी,मन्वंतर मार्को, कामना पाण्डेय श्यामा सोनवानी,सुनीता कश्यप मोतीलाल चौधरी,नरेन्द्र विश्वकर्मा रमेश जायसवाल,धीरेन्द्र उपाध्याय,रमा किरण, दिलीप शर्मा गोकुल प्रजापति व संकुल के कई शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

Leave a Comment

और पढ़ें