सफलता की कहानी
पीएम सूर्यघर योजना: जिले में सोलर प्लांट से घट रहा बिजली बिल पर होने वाला खर्च
मुंगेली के श्री राकेश शुक्ला की हो रही प्रतिमाह 1500 से 02 हजार रूपए की बचत
केन्द्र के साथ राज्य शासन की मिल रही सब्सिडी
अतुल गुप्ता ब्यूरो चीफ मुंगेली
मुंगेली, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत आमजन विद्युत के लिए आत्मनिर्भर होते जा रहे हैं। इससे उन्हें महंगे बिजली बिल सहित अघोषित विद्युत कटौती से भी निजात मिल रही है। आमजनों के घर पर सोलर प्लांट स्थापित हो जाने से सूर्य की किरणों से ही बिजली मिल जा रही है। इससे अब बिजली के लिए विद्युत विभाग पर निर्भरता कम हो गई है। पहले अब आमजनों को बिजली संबंधी बिल, कटौती सहित अनेक शिकायतें रहती थी, लेकिन अब इन शिकायतों को प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ने दूर कर दिया है।

मुंगेली नगर के रामगोपाल तिवारी वार्ड निवासी श्री राकेश शुक्ला ने इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने का सराहनीय कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने से पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल 02 हजार से 03 हजार रुपये तक आता था, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। उन्होंने लगभग चार महीने पहले अपने घर में 03 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया। जिसके बाद न केवल उनके बिजली बिल में भारी कमी आई है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देने का अवसर मिला है।
श्री शुक्ला ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। इससे हर घर को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा का उपयोग पूरी तरह सुरक्षित, किफायती और दीर्घकालिक समाधान है, जिससे देश की बिजली खपत पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि अब आमजन को भारी बिजली बिल से राहत मिल रही है और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में यह योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। श्री शुक्ला ने आमजनों को भी इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि सौर ऊर्जा अपनाकर हम न केवल अपने घरों का खर्च घटा सकते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य भी सुनिश्चित कर सकते हैं।
योजना के तहत 01 किलोवाट रूफटॉप सोलर सिस्टम पर केंद्र से 30 हजार एवं राज्य से 15 हजार मिलाकर 45 हजार रुपए की सब्सिडी, वहीं 02 किलोवाट पर कुल 90 हजार और 03 से 04 किलोवाट तक की क्षमता पर 01 लाख 08 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। योजना अंतर्गत लगाए गए सोलर प्लांट को नेट मीटरिंग प्रणाली से जोड़ा जाता है, जिससे अतिरिक्त उत्पन्न बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है और उपभोक्ता को उसका लाभ आय के रूप में प्राप्त होता है। इसके साथ ही कम ब्याज दर एवं आसान किश्तों में बैंक फायनेंस भी उपलब्ध है।







