
संवाददाता.. धनकुमार कौशिक, छत्तीसगढ़ दस्तक 24, बलौदा बाजार..
बलौदा बाजार(डोंगरा)! जिला बलौदा बाजार अंतर्गत लवन तहसील से महज दो किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत कोरदा में पंचों ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है, जिसकी शिकायत ग्राम की ग्रामीणों ने जनदर्शन में लिखित आवेदन किया है। ग्राम विकास की संकल्प एवं शपथ लेने वाले जनप्रतिनिधि द्वारा ही नियम विरुद्ध कार्य करने लग जाए, रक्षक ही भक्षक बन जाए तो ग्राम, एवं लोगो का विकास का तो भट्टाधार ही हो जाए। जनहित में कार्य करने के बजाय अपने निजी स्वार्थ में कार्य करते रहे तो स्वाभाविक रूप से ग्राम विकास पर ग्रहण लगना तय है।
ऐसे ही उदाहरण जनपद पंचायत बलौदा बाजार के ग्राम पंचायत कोरदा में मामला सामने आया है, जहां के निवासी खूबचंद वर्मा, मृत्युंजय वर्मा, गिरीश कुमार वर्मा, रज्जू वर्मा, बसंत वर्मा, तोलेश वर्मा, द्वारा 24 मार्च को जनदर्शन के माध्यम से जिला कलेक्टर बलौदा बाजार को लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया है। जिसमें ग्राम पंचायत कोरदा के वार्ड क्रमांक 11 के पंच तुलसी बंदे, वार्ड क्रमांक 4 के पंच सहोदरा बाई टंडन, एवं उपसरपंच दिगेश्वरी यादव द्वारा विभिन्न शासकीय कार्यों के लिए आरक्षित शासकीय भूमि पर बल पूर्वक अवैध कब्जा किया हुआ है, कुछ पंचों द्वारा तो धान खरीदी केंद्र जैसे जगहों पर भी अतिक्रमण किया हुआ है।
जिसे ग्राम वासियों द्वारा धारा पंचायत राज अधिनियम 56 के तहत अतिक्रमण हटाने के साथ साथ पंचायती राज अधिनियम धारा 40 के तहत ऐसे पंच जो अपने कर्त्तव्य के निर्वहन में अवचार कर रहे हैं पद में रहने का कोई मतलब नहीं है जिसे धारा 40 के तहत हटाने की मांग शासन प्रशासन से किया गया है।
अब देखना यह होगा कि क्या शासन प्रशासन वास्तविकता मौके पर जांच कर अवैध कब्जा हटाने तथा ऐसे अतिक्रमण कार्यों पंचों को पद से हटाने का काम कितने जल्दी करते हैं।







