बाल विवाह के खिलाफ मुंगेली में महाभियान का शंखनाद

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बाल विवाह के खिलाफ मुंगेली में महाभियान का शंखनाद

कृषक सहयोग संस्थान की 100 दिवसीय मुहिम, जिला पंचायत अध्यक्ष ने बाल विवाह मुक्ति रथ को दिखाई हरी झंडी

अतुल गुप्ता | ब्यूरो चीफ, मुंगेली

मुंगेली —  बच्चों के सुरक्षित भविष्य और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से मुंगेली जिले में एक ऐतिहासिक जनआंदोलन की शुरुआत हुई है। कृषक सहयोग संस्थान द्वारा संचालित 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा का भव्य शुभारंभ किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडे ने रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और स्वयं हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर समाज को बाल विवाह के विरुद्ध एकजुट होने का स्पष्ट संदेश दिया।

बाल विवाह मुक्त होगा मुंगेली : श्रीकांत पांडे

रथ यात्रा को रवाना करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडे ने कहा कि बच्चों का भविष्य बचाना केवल सरकार नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सर्वांगीण विकास के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है।

श्री पांडे ने कृषक सहयोग संस्थान और जेआरसी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के जमीनी अभियान ही समाज में वास्तविक बदलाव लाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से तैयार फ्लेक्स पर हस्ताक्षर कर बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण के प्रति अपनी प्रशासनिक और व्यक्तिगत प्रतिबद्धता भी जताई।

जागरूकता से ही सुनिश्चित होगी मुहिम की सफलता

कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित जिला बाल संरक्षण अधिकारी अंजूबाला शुक्ला ने कहा कि रथ यात्रा जैसे माध्यमों से जब संदेश घर-घर और गांव-गांव तक पहुंचता है, तभी ऐसे अभियानों की सफलता सुनिश्चित होती है। उन्होंने कृषक सहयोग संस्थान के निरंतर प्रयासों को सराहनीय बताया।

संवेदनशील गांवों तक पहुंचेगा मुक्ति रथ

बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा जिले के विभिन्न संवेदनशील गांवों का भ्रमण करेगी। रथ में लगे लाउडस्पीकर, पोस्टर और जागरूकता सामग्री के माध्यम से ग्रामीणों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों, दुष्परिणामों और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। ग्रामीणों को बाल विवाह न करने और ऐसी किसी भी सूचना को तुरंत प्रशासन तक पहुंचाने की शपथ भी दिलाई जाएगी। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों को सक्रिय भागीदार बनाया जा रहा है।

जमीनी स्तर पर सुरक्षा कवच तैयार करने का लक्ष्य

कृषक सहयोग संस्थान के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि संस्थान ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ नेटवर्क का सहयोगी संगठन है, जो देश के 451 जिलों में सक्रिय है। मुंगेली जिले में पिछले दो वर्षों से बाल विवाह, बाल श्रम और बाल यौन शोषण के खिलाफ निरंतर जमीनी कार्य किया जा रहा है।

संस्थान का उद्देश्य केवल जागरूकता नहीं, बल्कि ऐसा सामुदायिक सुरक्षा तंत्र तैयार करना है, जो बाल विवाह की सूचना मिलते ही उसे रोकने के लिए ढाल बनकर खड़ा हो जाए।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडे के साथ डीसीपीओ अंजूबाला शुक्ला, कृषक सहयोग संस्थान के जिला समन्वयक ललित सिन्हा, आशु चंद्रवंशी, छवि साहू, उमाशंकर कश्यप, शनि पोर्ते, वासुदेव आयंगर, कपिल यादव, सामाजिक कार्यकर्ता रतन कश्यप, सियाराम कश्यप सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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